Wednesday, 6 February 2019

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सीढिया उन्हे मुबारक हो... जिन्हे छत तक जाना है... मेरी मन्जिल तो आसमान है.. रास्ता मुझे खुद बनाना है..।

तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे…अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।


आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.


हर शाम सुहानी नहीं होती, हर चाहत के पीछे कहानी नहीं होती, कुछ तो असर ज़रूर होगा मोहब्बत में, वर्ना गोरी लड़की काले औज़ार की दीवानी नहीं होती।

मेरे मज़हब में दीदार-ए-यार जायज़ ना था..पर उसने नकाब में रह कर मुझे काफ़िर बना दिया.,.,!!!


कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं मै वो शख़्स नही वो शायर हुँ जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता है


ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे, कान लगाकर नहीं ,दिल लगाकर सुनो !!

जरूरत और चाहत में बहुत फ़र्क है... कमबख्त़ इसमे तालमेल बिठाते बिठाते ज़िन्दगी गुज़र जाती है !!!!


जिन्दगी ने सवालात बदल डाले वक्त ने हालात बदल डाले हम तो आज भी वही हैं जो कल थे बस लोगों ने अपने ख्यालात बदल डाले।- प्रीति


ख़ामोशी बहुत कुछ कहती हे कान लगाकर नहीं , दिल लगाकर सुनो !!


मैंने भी बदल दिये ज़िन्दगी के उसूल, अब जो याद करेगा... सिर्फ वो ही याद रहेगा...!!


हजारो दुआओ में मांग कर भी वो मेरी न हो सकी, एक खुशनसीब ने बिना मांगे उसे अपना बना लिया ।।


ना वफ़ा का जिक्र होगा ना वफ़ा की बात होगी, अब जिससे भी मोहब्बत होगी मार्च क्लोज़िंग केबाद होगी।


पढ़ रहा हुं मैं इश्क की किताब अगर बन गया वकील तो , बेवफओं की खैर नही..।


मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना, कैसे बर्बाद हुई मेरी जवानी लिखना.

निकली थी बिना नकाब आज वो घर से मौसम का दिल मचला लोगोँ ने भूकम्प कह दिया


आत्महत्या कर ली गिरगिट ने सुसाइड नोट छोडकर……अब इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता।


कतल हुवा इस तरह हमारा किश्तों में, कभी खंजर बदल गये कभी कातिल ।।


मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है ... जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं...


कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।

कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है.


पढ़ रहा हूँ मै इश्क़ की किताब ऐ दोस्तों…… ग़र बन गया वकील तो बेवफाओं की खैर नही


घूमने गये थे मोहब्बत की गली मे;लौट कर देखा तो सीने मे दिल न था..!!


लोगो से कह दो हमारी तकदीर से जलना छोड़ दे। हम घर से दवा नही ‘माँ की दुआ’ लेकर निकलते है।


किसी को मेरे बारे में पता कुछ भी नही….इल्ज़ाम हज़ारों हैं और खता कुछ भी नहीं..!!!


इश्क का पासपोर्ट बनवा दे कोई..मुझे भी मोहब्बत के देश मे घुमना है.!!


इतना भी मत घुमा ऐ जिन्दगी मै शहर का शायर हु कोई MRF का टायर नही


एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद , दूसरा सपना देखने के हौसले को ‘ज़िंदगी’ कहते हैं॥


मैं अपनी वफा का इन्साफ किस से मांगता , वो शहर भी उसका था वो अदालत भी उसकी थी !


हर किसी के हाथ मैं बिक जाने को हम तैयार नहीं.. यह मेरा दिल है तेरे शहर का अख़बार नहीं..


कभी मिल सको तो बेवजाह मिलना..वजह से मिलने वाले तो ना जाने हर रोज़ कितने मिलते है..`!


तेवर तो हम वक्त आने पे दिखायेंगे ,, शहेर तुम खरीदलो उस पर हुकुमत हम चलायेंगे…!!!


इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं..!!


इतने कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम, आजकल दिल दुखाने भी नहीं आते...!


जिंदगी मैं भी मुसाफ़िर हूँ तेरी कश्ती का तू जहाँ मुझसे कहेगी मैं उतर जाऊँगा !!


कितना मुश्किल हे मोहबत की कहानी लिखना,जेसे पानी से पानी पर पानी लिखना ।


रोज स्टेटस ‬ बदलने से जिंदगी नहीँ बदलती . जिंदगी को बदलने के लिए अपना भी एक स्टेटस होना जरुरी हे


अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी…! गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सकून से सोया करते थे…!!


हम मशहुर होने का दावा तो नही करते... मगर..जिसे भी आखँ भर कर देख लेते है उसे उलझन मे जरुर डाल देते है

कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ माँ कहती है घर की जिम्मेदारी है तुझ पर


मैं तो अभी भी छोटा ही हूँ ..मेरी माँ मूजे बडा होने ही नहीं देती…


सपने हमेशा Exciting offers की तरह होते है, और हकीकत Conditions apply की तरह....!


वो अपनी मर्जी से बात करते हैँ और हम कितने पागल हैँ जो उनकी मर्जी का इंतजार करते हैं..!!!


तज़ुर्बा है मेरा…. मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,संगमरमर पर तो हमने …..पाँव फिसलते देखे हैं…!


किसी रोज़ याद न कर पाऊँ तो खुदग़रज़ ना समझ लेना दोस्तों, छोटी सी इस उम्र मैं परेशानियां बहुत हैं..!!


रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है, कि लोग अक्सर टूटना पसंद करते है पर झुकना नहीं!


तेरी दुआओ का दस्तुर भी अजब है मेरे मौला.. मुहबबत उन्ही को मिलती है जिन्हे निभानी नही आती..


मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं


एक आप ही हो जो मुझे समझ नहीं पाते... वरना.. लोग तो आज भी मेरे ‪ स्टेटस के दीवाने है!

तुम अच्छे हो तो बन के दिखाओ, हम बुरे है तो साबित करो.


गुलाम बनकर जिओगे तो कुत्ता समजकर लातमारेगी ये दुनिया.. नवाब बनकर जिओगे तो शेर समझ सलामठोकेगी ये दुनिया.

मेरे प्यार का असर तो देख.......लोग मिलते तो मुझसे है, और हाल उस `पगली` का पूछते है........!


रहता तो नशा तेरी यादों का ही है, कोई पूछे तो कह देता हुँ पी रखी है..


तेरी याद से अच्छी तो मेरी सराब हे ज़ालिम, कमब्क्त रुलाने के बाद सुला तो देती हे मुझे !!


तुम गरदन जुकाने की बात करते हो , हम वौ है जो आंख उठाने वालो की गरदन प्रसाद मै बाट देते है..।।


मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा |

इश्क ओर दोस्ती मेरे दो जहान है,इश्क मेरी रुह, तो दोस्ती मेरा ईमान है,इश्क पर तो फिदा करदु अपनी पुरी जिंदगी,पर दोस्ती पर, मेरा इश्क भी कुर्बान है

उसके हाथ की गिरिफ्त ढीली पड़ी तो महसूस हुआ यही वो जगह है जहाँ रास्ता बदलना है…!

दोस्तों लाईक ओैर कोमेंट भूल रहे हो ॥

जाने कितनी रातो की नींदे ले गया वो.. जो पल भर मोहब्बत जताने आया था..


रिश्ते बर्फ के गोले की तरह होते हैं,जिन्हे बनाना तो सरल है लेकिन बनाए रखना काफी कठिन होता है


छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है


हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!


सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर.. औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!]


खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!


कोई ना दे हमें खुश रहने की दुआ, तो भी कोई बात नहीं वैसे भी हम खुशियाँ रखते नहीं, बाँट दिया करते है...!!!


इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा.. वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं !


ना खुशी खरीद पाता हू ना ही गम बेच पाता हूँ, फिर भी मै ना जाने क्यु हर रोज कमाने जाता हूँ


दूध का सार है मलाई मे और जिंदगी का सार है भलाई में :)


हर फैसले होते नहीं, सिक्के उछाल कर.. यह दिल के मामले है.. जरा संभल कर!!


सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर.. औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!


कमाल का जिगर है उनका दोस्तों..उनको मालूम है हम उनके बिना नहीं रह सकते..फिर भी छोड़ कर चले गए..!!


मुकद्दर में लिखा के लाये हैं दर-ब-दर भटकना.. मौसम कोई भी हो परिंदे परेशान ही रहते हैं...


कोई ना दे हमें खुश रहने की दुआ, तो भी कोई बात नहीं वैसे भी हम खुशियाँ रखते नहीं, बाँट दिया करते है...iii


वो मुहब्बत भी उसकी थी वो नफरत भी उसकी थी , वो अपनाने और ठुकराने की अदा भी उसकी थी !


खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है, वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!


तुमने देखी नहीँ हमारी फूलोँ जैसी वफ़ा ,हम जिस पर खिलते हैँ उस पर मुरझा भी जाते हैँ ।


मैने सिखी नही कोई शायरी महफिलों मे जाकर ! हालात अक्सर दर्द सहना सिखा देते है


बात इतनी सी थी, कि तुम अच्छे लगते थे. अब बात इतनी बढ़ गई,कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता..


वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम की वजह..फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा, मोहब्बत की थी ना… ??

नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . .बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .


`हर गम ने, हर सितम ने ,नया होसला दिया, मुझको मिटाने वालो ने, मुझको बना दिया `


मुसीबत मे ये मत सोचो की अब कौन काम आयेगा..बल्की ये सोचो की अब कौन छोड़ के जायेगा..!!


लोग पूछने लगें है मुझसे मेरी उदासी की वजह ,अगर हो इजाजत तो तुम्हारा नाम बता दू ..??


बिक रहे हैं ताज महल सड़क-चौराहों पर आज भी.. मोहब्बत साबित करने के लिए बादशाह होना जरुरी नहीं..!!


बन के तुम मेरे मुझको मुकम्मल कर दो....अधूरे-अधूरे अब हम ख़ुद को भी अच्छे नहीं लगते.


में उन ही चीज़ों का शोख़ रखता हु जो मुझे मिलती हे । उन चिंजो का नहीं जिनकी इजाजत मेरे माँ बाप नहीं देते

हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें.. और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं !!

` बात ` उन्हीं की होती है, जिनमें कोई ` बात ` होती है..!


सोने के जेवर ओर हमारे तेवर लोगो को अक्सर बहोत मेंहगे पडते हे

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं,रेत पर नाम कभी टिकते नहीं,लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं,लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं।

ज़हासे तेरी बादशाही खत्म होंती हे, वहासे मेरी नवाबी सुरु होती हे


सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की, मोहब्बत ऐसे लिखते है..


मुझे जॉब करने का कोई सोख नहीं है ये तो मम्मी-पापा की जींद है की तेरे लिए छोरी कहा से धुंध के लाएंगे.


इश्क का समंदर भी क्या समंदर है, जो डूब गया वो आशिक जो बच गया वो दीवाना...!!


मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगे इसे पढा करो, मोहब्बत करना सिख जाओगे..!!


मत करवाना मोहब्बत हर किसी को ए खुदा.. हर किसी में जीते जी मरने की ताक़त नही होती..!!


तू पटाखा है किसी और का, तुझे फोड़ता कोई और है.

नहीं चाहिए तेरे इश्क की दुकान से कुछ भी ….हर चीज़ मे मिलावट है बेवफ़ाई की..!


जब वक़्त करवट लेता हैं ना दोस्तों... तो बाजियाँ नहीं जिंदगियाँ पलट जाती है..!- प्रीति


इश्क की पतंगे उडाना छोड़ दी.वरना हर हसीनाओं की छत पर हमारे ही धागे होते..!!


अगर आज वो मुझसे बात कर लेती तो कौन सा कहर टूट पड़ता..खामोस रहकर खुद उसने तूफ़ान को न्योता दिया है..!!

सूरज सितारे चाँद मेरे साथ मेँ रहे जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे शाख़ों से टूट जाये वो पत्ते नहीं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

बेमतलब की जिंदगी का सिलसिला ख़त्म..!अब जिसतरह की दुनियां, उस तरह के हम...!!


`इश्क` का धंधा ही बंघ कर दिया साहेब।…. मुनाफे में `जेब` जले.. और घाटे में `दिल`..


मोहब्बत है गज़ब उसकी शरारत भी निराली है, बड़ी शिद्दत से वो सब कुछ निभाती है अकेले में...!!


दर्द जब मीठा लगने लगे तो समझ जाइये आपने जीना सीख लिया।


होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!


कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये


माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती यहाँ आदमी आदमी से जलता है.


तूने हमें छोड दिया कोई बात नहीं , हम दुआ करेंगे कोई तुझे ना छोडे किसी और के लिए|


थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे.


हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ, हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा !! नजर चाहती है दीदार करना दिल चाहता है प्यार करना


इतनी करुंगा मुहब्बत के तू खुद कहेगी। देखो वो मेरा आशिक़ जा रहा है..!!!


दुनिया को इतना सीरियस लेने की जरुरत नहीं, यहाँ से कोई जिन्दा बच के नहीं जाएगा..!!!

`सबके कर्ज़े चुका दूं मरने से पहले, ऐसी मेरी नियतं हैं,मौंत से पहले तूं भी बता दे ज़िन्दगी, तेरी क्या किंमत हैं.`

उसके हाथ की गिरिफ्त ढीली पड़ी तो महसूस हुआ यही वो जगह है जहाँ रास्ता बदलना है...


मेरी जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला.. मैं हारा भी तो अपनी हीं रानी से..!!


खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..! वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!


यूँ ही जरा खामोश जो रहने लगे हैं हम। लोगों ने कैसे कैसे फसाने बना लिये।।


बताँऊ तुम्हें एक निशानी उदास लोगों की..... कभी गौर करना यें हसंते बहुत हैं


कभी थक जाओ तुम दुनिया की महफिलों से तो , हमें आवाज देना हम आज भी अकेले रहते हैं.


दिल से पूछो तो आज भी वो मेऱी ही है…वो बात अलग है कि किस्मत दगा दे गई..!!


सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है.!


मुश्किल होता है जवाब देना. जब कोई खामोश रह करभी सवाल कर लेता है!


दिल से बेहतर तो रावण है साल में एक ही दिन जलता है.


कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा, एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता…….. ।।


मै शायर नही बस दिल के अहसासो को शब्दो का रूप दे देता हूँ.. जहाँ दिख गये हसीन चेहरे थोडी बहुत आवारगी कर लेता हूँ...


मैंने समुन्दर से सीखा है जीने का सलीका, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना..!


मैंने अपनी मौत की अफवाह उड़ाई थी, दुश्मन भी कह उठे आदमी अच्छा था..-


सदैव अपनी छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश करें क्योंकि मनुष्य पहाड़ों से नहीं बल्कि छोटे पत्थरों से ठोकर खाता है…!!!


मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो..!! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे..!!


तासीर इतनी ही काफी है की वो मेरा दोस्त है, क्या ख़ास है उसमे ऐसा कभी सोचा ही नही


बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना, कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में !


काश कि वो लौट आयें मुझसे यह कहने, कि तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!!


नीलाम कुछ इस कदर हुए, बाज़ार-ए-वफ़ा में हम आज, बोली लगाने वाले भी वो ही थे, जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे!


खुद को बिखर्ने मत देना, कभी किसि हाल मेँ, लोग गिरे हुए माकान कि, ईटे तक लेजा ते है


इतनी चाहत तो लाखो रुपए पाने की भी नही होती.. जितनी बचपन की तस्वीर देख कर बचपन में जाने की होती हैं


मैंने अपनी हर एक साँस तुम्हारी गुलाम कर रखी है,लोगो ने ये जिन्दगी बदनाम कर राखी है,अब ये आइना भी किस काम का मेरे,मैंने तो अपनी परछाई भी तुम्हारे नाम कर रखी है.!!


छोङो ना यार , क्या रखा है सुनने और सुनाने मेँ किसी ने कसर नहीँ छोङी दिल दुखाने मेँ ..


बड़ा आदमी वो होता है जिस से मिलने के बाद आदमी खुद को छोटा ना समझे।

दुआ कभी खाली नही जाती, बस लोग इंतजार नही करते..


चलो अब जाने भी दो.. क्या करोगे दास्तां सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं, और बयां हमसे होगा नही

क्या लूटेगा जमाना खुशियो को हमारी...हम तो खुद अपनी खुशिया दुसरो पर लुटाकर जीते है


हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं ! समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!


तेरी मोहब्बत पर मेरा हक़ तो नही मगर.. जी चाहता है क़ि आखिरी सांस तक तेरा इन्तजार करू..!!

है कोई वकील इस जहान में, जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.

अजीब खेल है इस मोहब्बत का, किसी को हम न मिले और न कोई हमे मिला।

कैसे बनेगा अमीर वो हिसाब का कच्चा बूढा भिखारी, जो बस एक रुपये के बदले सिग्नल पे खड़ा बेशकीमती दुआए दे देता है।


न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई, न वो वापस लौटीं, न मोहब्बत दोबारा हुई...


अगर आज वो मुझसे बात कर लेती तो कौन सा कहर टूट पड़ता। खामोस रहकर खुद उसने तूफ़ान को न्योता दिया है।।


पराया धन होकर भी कभी पराई नही होती। शायद इसीलिए किसी बाप से हंसकर बेटी की, विदाई नही होती।।

एक उड़ते हुए गुब्बारे पे क्या खूब लिखा था, `वो जो बाहर है वह नहीं, वह जो भीतर है वही आपको ऊपर ले जाता है!`

खुद के लिए कभी कुछ माँगा नहीं, औरों के लिए सर झुकाने पड़ते हैं।


जख्म ही देना था तो पूरा जिस्म तेरे हवाले था..कम्बख्त ने जब भी वार किया दिल-ऐ-मासूम पे ही किया..!!

कर्मो से ही पहचान होती है इंसानों की.. अच्छे कपड़े तो बेजान पुतलो को भी पहनाये जाते है..।।


खामोशियाँ में शोर को सुना है मैंने, ये ग़ज़ल गुंगुनायेगी रात के साये में ।


माना के बड़ा खुबसूरत हुस्न है तेरा ......!लेकिन,दिल भी होता तो क्या बात होती ......!!


उसके हाथ की गिरिफ्त ढीली पड़ी तो महसूस हुआ यही वो जगह है जहाँ रास्ता बदलना है…

मुझे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग… पर किसी ने मेरे पैरों के छाले नहीं देखे…!


वो बड़े ताज्जुब से पूछ बैठा मेरे गम की वजह.. फिर हल्का सा मुस्कराया, और कहा, मोहब्बत की थी ना… ??


इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी, चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आ गया ।


दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है,उससे कूछ रुठा हुआ सा है……


मैं ‪‎फेमस‬ हूँ क्युकि में सच लिखता हूँ तभी आज ज़माने में सबसे मेंहंगा बिकता हू-

चलते रहेंगे काफीले मेरे बगैर भी.. एक तारा टूट जाने से फलक सूना तो नहीं हो जाता...


मोहब्बत ख़ूबसूरत होगी किसी और दुनियाँ में, इधर तो हम पर जो गुज़री है हम ही जानते हैं.


हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..... दुश्मन के शोर से पता चलता है.....!!


पहले हमें भी मोहबत का नशा था यारो पर जब से दिल टूटा है नशे से मोहबत हो गई है

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